Bacchu kadu Biography in Hindi,Age,Family,Wife,Contact Number

महाराष्ट्र विधानसभा के विधायक Bacchu Kadu Biography in Hindi को हम इस आर्टिकल में  पूरा जानेंगे|ऐसा नेता जो हर किसी की मदत करने के लिए तत्पर रहते है ,जो जरुरतमंदों के लिए दिन रात एक करता है |ऐसा विधायक जो आम इन्सान की तरह ही जिंदगी बसर करता है और वह अपने समर्थको के लिए रोबिन वुड नाम से मशहूर है |

बच्चू कडू अपने दबंगी और इंसाफ के लिए जाने जाते है |सिर्फ अमरावती में ही नहीं बल्की विदर्भ महाराष्ट्र में भी विधायक बच्चू कडू लोकप्रिय है |तो चलिए जानते है Bacchu Kadu Biography in Hindi के बारे में Details मे |


Bacchu kadu Biography in Hindi
                                             source:instagram

  

    

Quick info about the Bacchu Kadu Biography in Hindi [Age,Family,Wife,Contact Number]

   

बायो/wiki

 

पूरा नाम

ओमप्रकाश बाबाराव कडू

निकनेम

बच्चू

व्यवसाय

राज्यमंत्री,महाराष्ट्र

पोलिटिकल पार्टी

प्रहार जनशक्ति पार्टी

मोबाइल नंबर

9890153491

पर्सनल लाइफ/Personal life

 

जन्म तारीख

4 जुलाई 1970

वय(2020)

50 वर्ष

जन्मस्थान

बेलोरा,चांदुर बाजार,अमरावती

राष्ट्रीयता

इंडियन

स्कूल

बेलोरा स्कूल

कॉलेज

गो.सी.टोपे महाविद्यालय

एजुकेशन क्वालिफिकेशन

बी.कॉम-2

रिलिजन

हिन्दू

दिलचस्पी (Hobbies)

घोडसवारी,खेलना,तैरना

और मूवी देखना

फ़ूड हैबिट

खिचड़ी

फॅमिली/Family

 

पेरेंट्स

पिता-बाबाराव गणपतराव कडू

माता–इंदिराबाई बाबाराव कडू

पत्नी (Wife/Spouse)

नयना कडू


                                          

बच्चू कडू का जन्म और परिवार (Bacchu Kadu Birthplace And Family)

बच्चू कडू का जन्म 5 जुलाई 1970 को बेलोरा,चांदुरबाजार,अमरावती में एक गरीब शेतकरी परिवार में हुआ |उनके पिता का नाम बाबाराव कडू और माँ का नाम इंदिरा कडू है |बाबाराव कडू और इंदिरा कडू के छह लडको और पांच लडकियों में से बच्चू कडू उनकी दसवी संतान है |उनकी माँ ने प्यार से उनका नाम ओमप्रकाश रखा |उनके पूर्वज अमरावती के पास वाकई गाव में रहते थे |

बच्चू भाऊ के दादा भैस खरीदने और बेचने का काम करते थे और साथ में ही उनका दूध का व्यवसाय भी था |वह अपने परिवार से सामाजिक सेवा करने के लिए प्रेरित हुए |अगर गाव के किसी गरीब के घर पर कोई कार्यक्रम होता तो  बच्चूकडू के पिता उसे मुफ्त में अनाज देते, साथ ही गाव के कई बीमार लोगो और गर्भवती महिलाओ को उनके घर के टांगे से ले अस्पताल पहुचाया गया |बच्चू यह उपनाम उनके चाचा द्वारा उन्हें दिया गया |

बच्चू कडू का शुरुवाती जीवन (Bacchu Kadu Early Life)

बच्चू कडू ने गाव के जत्रे में होनेवाले तमाशे को रोककर गाव के युवा पीढ़ी को बरबाद होने से बचाया ,तब वह सिर्फ 9 वी कक्षा में थे |बच्चू कडू और उनके दोस्त कब्बडी खेल रहे थे तब उनके दोस्त को खून की उल्टियां होने लगी तब वह अपने दोस्त को डॉक्टर के पास ले के गए |डॉक्टर ने कहा की इसको हार्ट का प्रॉब्लम है और इलाज सिर्फ मुंबई में ही हो सकता है |तब उनके दोस्त के पास कुछ भी पैसे नहीं थे |

कभी न जीतनेवाली टीम सेमी फाइनल्स में पहुची |वहा से उनको 1500 रुपये मिले और कुछ पैसे उनके माँ ने घर का कपास बेचकर 1000 रुपये दिए |ऐसे करके थोड़े पैसे इकट्टे होने के बाद वह मुंबई के लिए रवाना हुए बिना टिकिट के |तब उन्होंने अपनी जेब में पत्थर रखकर और 1 लीटर पानी पीकर अपने दोस्त की जान बचाई क्यूंकि उनका वज़न रक्तदान  करने के लिए कम भर रहा था |

बच्चू कडू की शिक्षा (Education)

बच्चू कडू की प्रारंभिक शिक्षा चौथी क्लास तक बेलोरा गाव में ही हुई |उन्होंने पाचवी कक्षा के बाद शिक्षा के लिए चांदुर बाजार में प्रवेश किया |वह कॉलेज में तांगा लेकर जाते थे |वह अपने स्कूल जीवन से ही गाडगे बाबा और भगत सिंह के विचारो से प्रेरित थे |इसी अवधि के दौरान उन्होंने सामाजिक सेवा और रोगी सेवा करने की ठान ली |

बच्चू कडू की शादी (Bacchu Kadu Marriage)

बच्चू कडू की शादी महात्मा गाँधी जयंती के अवसर पर राष्ट्रगान के साथ हुई और 200 विकलांगो को साइकिल उपहार में दी गई |

बच्चू कडू का करियर ( Bacchu Kadu Career)

वह बालासाहेब ठाकरे के भाषण से प्रभावित थे |वह शिवसेना से विकलांगो साइकिल वितरण के लिए राशी न देने के कारन शिवसेना नेताओ के साथ उनका विवाद हुआ ,जिसके चलते उन्होंने शिवसेना छोड़ दी |1999 में उन्होंने अपना पहला विधायक चुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ा |लेकिन वह केवल १३०० वोटो से हार गए |

अपने पहले चुनाव में उनके पास प्रचार करने के लिए पैसे नहीं थे,उनके दोस्तों ने घर के गहने को तोड़ दिया ,यहाँ तक की उनके दोस्तों ने अपनी पत्नियो के मंगलसूत्र भी तोड़ दिए |आज भी वह अपने दोस्तों का गर्व से जिक्र करते है |

कभी शिवसेना में बतौर कार्य कर रहे कडू पिछले 12 सालो से निर्दलीय विधायक है |2004 में बच्चू कडू ने पहली बार  निर्धलीय के दम पर अचलपूर विधानसभा विधायक सिट जीती थी और वह लगातार तिन बार निर्दलीय विधायक है |२०१९ में वह  महाराष्ट्र विधानसभा के विधायक और एक मंत्री भी है |

विधायक बनने के बाद उन्होंने प्रहार संघटने की स्थापना की |इस संघटना में गरीबो ,विकलांगो किसानो की समस्याओ को हल किया जाता है |कई बार प्रहार संघटने के दम उन्होंने विकलांगो को बच्चू कडू ने इंसाफ दिलवाया है |इतना ही नहीं वह विकलांगो को परेशान करनेवाले अधिकारी की धुलाई भी कर चुके है |

 बच्चू कडू ने अब तक १६ लाख रोमियो को मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान की है |रक्तदान की एक सदी पूरी करनेवाले वह एकमात्र विधायक है |आज तक,उनके प्रहार संघटन द्वारा एक लाख से अधिक  रक्त बैग दान किये गए है |

अभिनव आंदोलने (Protest)

बच्चू कडू महाराष्ट्र में अपने अभिनव आन्दोलन के लिए प्रसिद्ध है |उनकी आंदोलने मुख्यरूप से विकलांग ,बीमार और किसानो के लिए होती है |अभिनव आंदोलन के माध्यम से इन पर ध्यान आकर्षित करने के अलावा ,उन्होंने कानून को भी अपने हाथो में ले लिया है |

शोले आंदोलन

बच्चू कडू किसानो के सवालों पर हमेशा आक्रमक रहते है |उनका अक्सर अधिकारिओ के साथ विवाद रहा है ,क्यूंकि अधिकारी किसानो के मुद्दों को हल नहीं कर रहे है |जैसा की आप जानते है की सरकार किसानो के कर्ज माफ़ी के लिए कोई उपाय नहीं कर रही है |इसी लिए उन्होंने नागपुर शीतकालीन सत्र के दौरान उन्होंने पानी के टंकी पर चढ़के शोले स्टाइल आंदोलन किया  और वह आंदोलन राज्य में भी फैला |

सरकार की ओर से ,तत्कालीन उपमुख्मंत्री आर.आर. पाटिल और वित्त योजना राज्य के मंत्री सुनील देशमुख भी टैंक पर चढ़ गए और उनके साथ चर्चा की और 75 मांगो पर सहमत हुए |उन्होंने 700 आत्महत्या करने वाले किसानो के परिवारों और बच्चो को शिक्षित करने की जिम्मेदारी स्वीकार की है |

गर्दन अवशोषित आंदोलन

कृषि आंदोलन के नाम पर सरकारी अध्यादेश लागु नहीं होने के कारण, जो परंपरागत रूप से आदिवासियों द्वारा खेती की जाती है |उसी कृषि भूमि में उन्होंने अपने प्रहार कार्यकर्ताओ के साथ गर्दन तक अवशोषित करने के लिए आंदोलन किया और सरकार का ध्यान आंदोलन की ओर आकर्षित किया|  

साप छोड़ो आंदोलन

इसके अलावा बच्चू कडू द्वारा वनभूमि की वन अधिकारी की मांग के विरोध में आदिवासी समुदाय के घर में साप छोड़ो आंदोलन की घोषणा करने के अगले दिन ही आदिवासियों को वनभूमि प्रदान की गई |

अधिकारी कुर्सी की नीलामी 

काम के लिए गाव से शहर आनेवाले लोगो को समय पर अधिकारी न मिलने के कारन लोग परेशान होते थे |जब यह बात बच्चू कडू को पता चली तब उन्होंने अधिकारी की कुर्सी के नीलामी का आंदोलन किया |उससे जो आय आई थी वह सरकारी खाते में जमा की गई थी |परिणामस्वरूप ,अधिकारी लोग भी कार्यालय समय के दौरान लोगो की कामे करने के लिए उपस्थित रहने लगे |

पेड़ से उल्टा लटकर आंदोलन

अचलपुर सब डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के मरीजो की ढंग से देखभाल न होने के कारण ,बच्चू कडू ने अस्पताल परिसर में ही एक पेड़ से उल्टा लटककर अपनी पीड़ा व्यक्त की |इसे देखकर स्वास्थ विभाग ने मरीजो की असुविधा को दूर करने के लिए हलचल की |

गणपति आंदोलन

सन 2004-05 के सूखे के दौरान सूखाग्रस्त लोगो को सरकारी सहायता में देरी का विरोध करते हुए |उन्होंने  तहसील कार्यालय में एक गणपति की स्थापना की और घोषणा की वह तब तक गणपति का विसर्जन नहीं करेंगे जब तक सरकार न्याय नहीं देती |'गणपति आंदोलन ' को देखकर ,प्रशासनिक प्रणाली ने काम करना सुरु कर दिया |

रूमान आंदोलन

शहरी शेत्रो में निर्बंध बिजली आपूर्ति और ग्रामीण क्षेत्रो में लोड शेडिंग के विरोध में होने के कारण बच्चू कडू ने अमरावती बिजली निगम कार्यालय के बाहर रूमान आंदोलन किया |इस आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बिच तत्काल झड़प भी हुई और कई सारे मजदुर घायल भी हुए |बाद में उर्जामंत्री ने दो घंटे तक लोडशेडिंग को कम करने के लिए तत्काल कारवाई की |

दूध वाटप आंदोलन 

शराब के प्रवाह को रोकने के लिए उन्होंने शराब की दुकानों के सामने दूध वितरण आंदोलन भी चलाया था |

सामूहिक मुंडन आंदोलन

कपास बिलों का भुगतान करने में सरकार की देरी का विरोध करने के लिए उन्होंने 'सामूहिक शेविंग आंदोलन' किया |जिसके परिणामस्वरूप किसानो को तुरंत अपने कपास बीलों का भुगतान करने का आदेश दिया गया |

असूड यात्रा 

अप्रैल २०१७ में,तत्कालीन मुखमंत्री देवेन्द्र फडनविस के गाव नागपुर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गाव गुजरात में के वडनगर तक की 'असूड यात्रा' बहुत लोकप्रिय हुई |गुजरात की सीमा पर यात्रा के अवरुद्ध होने के बाद बच्चू कडू  ने फेस बदलकर गुजरात में प्रवेश किया |उन्होंने मोदी के गाव वडनगर में जाकर रक्तदान किया और इस देश के किसानो का खून लेने के लिए सरकार को संदेश दिया न की उनकी जान लेने के लिए नहीं |

छप्पर फाड़ करने के लिए आंदोलन ,मंत्री के वाहनों पर काली पट्टी ,अचलपुर जिल्हा गठन की मांग को लेकर भूख हड़ताल ,शौचालय योजन में  भ्रष्टाचार के लिए सड़े हुए शौचालय के कटोरे  के उपहार के लिए आंदोलन और स्कूली जीवन में सुतली बम आंदोलन ,और मंत्री के घर जाकर उनके कानपकड़ के च्याव्म्याव आंदोलन ,राज्य के मंत्री के मुखवटे लगा के आंदोलन ,ऐसे कई सारे अभिनव आंदोलने किये गए है |इनका विरोगिरी आंदोलन बहुत लोकप्रिय हुआ था |

बच्चू कडू के विवाद (Controversy Of Bacchu Kadu)

  • 14 जनवरी 2011 को बच्चूकडू ने स्वास्थ मंत्रालय के एक क्लर्क चंद्रवहन हगवने को थप्पड़ मारा |इसीलिए उनके खिलाफ पुलिस ने शिकायत दर्ज की |
  • विधायक कडू ने मंगलवार 29 मार्च २०१६ को मंत्रालय के सामान्य प्रशाशन विभाग के उपसचिव भा.र. गावित को पिटा गया |इसीकारण अधिकारी और कर्मचारी के मंत्रालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी ने निचे आकर धरना प्रदर्शन किया |हालाकि इसके बाद भी उनके खिलाफ कोई कारवाई नहीं की गई ,लेकिन अगले ही दिन कर्मचारी हड़ताल पर चले गए |विधायक बच्चू कडू को आख़िरकार बुधवार रात मुंबई की मरीन ड्राइव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया |
  • 22 अप्रैल २०१७ को ,पंजाब भारतीय जनता पार्टी की सांसद हेमा मालिनी ने कहा की वह बच्चूकडू के खिलाफ कारवाई करेगी क्यूंकि कडू ने उन पर अपमानजनक टिपन्नी की ,२०१९ में कही लोगोंने ने अपने समर्थको के साथ एक बैंक परिसर में प्रवेश किया और धमकी दी ,एक बैंक प्रबंधक को गाली भी दी |इससे बैंक में काम  करनेवाले लोगो में नाराजगी  पैदा हो गई और उन्होंने बच्चू कडू के खिलाफ एक सोशल मीडिया अभियान सुरु किया ,जिसमे उनके दुर्व्यवहार और असभ्य स्वभाव को उजागर किया गया था |

बच्चू कडू को मिलने वाले पुरस्कार ( Bacchu Kadu  Awards)

  • शंभूगौरव पुरस्कार :संभाजी ब्रिगेडतर्फे,2016
  • दैनिक लोकमत ने उन्हें महाराष्ट्रियन ऑफ़ द इयर अवार्ड से भी सम्मानित किया |यह पुरस्कार प्राप्त करनेवाले वह पहले स्वतंत्र विधायक है |

उम्मीद करती हूँ की आपको Bacchu kadu Biography in Hindi  के बारे में पूरी जानकारी मिली होगी |अगर आपको यह पोस्ट पसंद आए तो अपने दोस्तों को  शेयर करना न भूले और अगर कोई टिप्पणी हो तो निचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करे |धन्यवाद................

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